Sunday, February 1, 2009

कार्टून : बरखा दत्त कर रहीं हैं रिपोर्टिंग एनडीटीवी के लिये


एनडीटीवी द्वारा एक ब्लागर के प्रति की गई ज्यादती पर मुझे ईमेल द्वारा यह कार्टून मिला है, आप भी मुलाहजा फरमाईये.


अधिक जानकारी के लिये निम्न पोस्ट देखिये


3 comments:

अक्षत विचार said...

gagar main sagar.
danyvad.

Anonymous said...

पत्रकारिता भी पूरा एक व्यापार ही है तो एक व्यापारी के कर्मचारी की तरह ही वयवहार करने लगे हैं पत्रकार । मैंने भी वर्षों तक लिखा है अखबारों में इसलिए अंदर की बात पता है। वह वही कहेंगे जो मालिक कहेंगे ।एक ही दिन के बाद एक ही अखबार में दो हेडिंग देखिये
पहला दिन :- "घाटमपुर में कमल खिला"
दूसरा दिन:- "हाथी ने कमल को रौंदा"
अब आप समझ सकते हैं की दोनों ख़बर किस दम पर लिखी गयी होंगी संपादक पूरी तरह असह्हय देखते रहे जब यह खबर लिखी जा रही थी ।
लेकिन व्यापारी को तो सच्चाई से जायदा पैसे से मतलब है ।

विष्णु बैरागी said...

कौन कर रहा है पत्रकारिता?सबके सब बेचारे नौकरी तो कर रहे हैं।